मसूरी, मसूरी आज तक ब्यूरो। पूर्व पालिकाध्यक्ष ओपी उनियाल ने नगर पालिका अध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल पर भ्रष्टाचार व घोटालों के गंभीर आरोप लगाए हैं। ओपी उनियाल ने कहा कि पिछले साढ़े चार सालों में जनहित के कोई काम नही किये गये है, बल्कि मसूरी पालिका आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी रही। उन्होंने इसकी शिकायत करते हुए शासन व शहरी विकास विभाग से नगर पालिका में हो रहे घोटालों व भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

पत्रकारों से वार्ता करते पूर्व पालिकाध्यक्ष ओपी उनियाल
मंगलवार को पूर्व पालिकाध्यक्ष ओपी उनियाल ने लाईब्रेरी स्थित एक रेस्तरा में पत्रकार वार्ता में पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल पर भ्रष्टाचार व घोटालों के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल व अधिकारियों की मिलीभगत से पालिका कोष से लाखो रूपये की बंदरबांट की गई है। उन्होंने बताया कि सभी नियमों को ताक पर रखकर पालिकाध्यक्ष के जन्मदिन की पार्टी के लिए कार्यालय अधीक्षक वासुदेव डंगवाल के नाम पर आकस्मिक व्यय हेतु धनराशि स्वीकृत की गयी है, और भण्डारपाल द्वारा लिखा गया है, कि कार्यालय अधीक्षक को आकस्मिक व्यय के लिए एक लाख रूपये की आवश्यकता है, लेकिन कार्यालय अधीक्षक ने आकस्मिक व्यय के लिए कोई मांग की ही नही है। वहीँ भण्डारपाल किसी भी सूरत में कार्यालय अधीक्षक को लेकर किसी प्रकार की आर्थिक मांग नही कर सकता है।

उन्होंने पालिकाध्यक्ष पर आरोप लगाये कि उन्होंने अपने चहेते ठेकेदारों के माध्यम से स्वयं आर्थिक लाभ अर्जित करने के मकसद से कोलुखेत बैरियर के सौन्द्रियकरण का कार्य कोलुखेत बैरियर के ठेकेदारों से करवाने के बजाय पालिका से करवा रहे है, जो कि टेंडर की शर्तों के विरुद्ध है। वहीँ कहा कि ईको बैरियर से प्राप्त आय से शहर में कूड़ा निस्तारण,पर्यावरण सुधार के साथ ही अन्य विकास कार्यों में खर्च करने का प्रावधान है,लेकिन पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल की हठधर्मिता के चलते ईको बैरियर से अर्जित धनराशि का दुरूप्रयोग किया जा रहा है।

ओपी उनियाल ने कहा कि पालिकाध्यक्ष मल्ल ने भ्रष्टाचार को अंजाम देते हुए अपने इन चहेते ठेकेदारों को आवंटित कार्य के पूरा हुए बिना करोड़ों रूपये के भुगतान भी कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि पालिकाध्यक्ष द्वारा कई क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण करने के लिए केवल कागजी कार्यवाही की गयी है, जबकि धरातल पर सड़कों का कार्य हुआ ही नही है, जो हुए भी है उनमे गुणवत्ताविहीन कार्य हुए हैं।

वहीँ उन्होंने कहा कि पालिकाध्यक्ष द्वारा नियमों की अनदेखी करते हुए शहर की सड़कों के किनारे मामूली धनराशि में पार्किंग के ठेके देते हुए अपने खास लोगो को लाभ पहुँचाने का कार्य किया है।

वहीँ उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान प्रस्तावित कार्यों पर उस समय जानबूझकर रोक लगवा दी गयी और आज उन्ही कार्यों को करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल को साढ़े चार साल बाद जनता की चिंता सताने लगी है। अब क्योंकि चुनावी शंखनाद हो गया है, इसलिए पालिकाध्यक्ष मल्ल मसूरी के अलग अलग क्षत्रों का भ्रमण कर एक बार फिर जनता से झूठे वादे करके सत्ता पाने का सपना देख रहे है, जिसका जबाब जनता उनको आगामी चुनावों मे दे देगी।

इस अवसर पर नगर पालिका सभासद शशि रावत, विजेंद्र भंडारी व अंकुश नौटियाल भी मौजूद रहे।

वहीं पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल ने भी ओपी उनियाल के आरोपो पर तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि खुद पूर्व पालिकाध्यक्ष ओपी उनियाल के खिलाफ उनके कार्यकाल में हुए घोटालों व भ्रष्टाचार के खिलाफ सीबीआई ने जांच की। साफ है कि उनके आरोप राजनीति से प्रेरित है। यदि उनके ऊपर जो आरोप लगाए जा रहे है उनमें किसी प्रकार की सत्यता है तो प्रदेश में भाजपा की सरकार है वे जांच करवाएं। वे किसी भी जांच का सामना करने के लिए तैयार हैं।
Share To:

Post A Comment:

0 comments so far,add yours