धनौल्टी
मसूरी। गढ़वाल क्षेत्र को प्रकृति ने बेपनाह खूबसूरती से नवाजा है जिसका जीवंत नजारा टिहरी-गढ़वाल का धनौल्टी क्षेत्र है। धनौल्टी पहाडों की रानी मसूरी से मात्र 25 किमी की दूरी पर स्थित है। कोलाहल से दूर यह पर्यटक स्थल शांतिपूर्ण और निर्जन क्षेत्र है जिस कारण पर्यटक भारी संख्या में अपनी सुकूनभरी छुट्टियां व सैर-सपाटे के लिए इस स्थल को बहुत पसंद करते हैं। 

धनौल्टी 2286 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है जहां चारों ओर देवदार, बांज, बुरांस और चीड के वृक्षों से भरपूर जंगल है। इसके साथ ही यहाँ पर ईको पार्क यहाँ की ख़ूबसूरती में चार चाँद लगा देता है, जहाँ कि हमेशा पर्यटकों से गुलदार रहता है। यहाँ की शीतल हवा का स्पर्श लंबी प्राकृतिक सैर के लिए इस हिल स्टेशन को आदर्श स्थल बना देता है।
मसूरी-चंबा मार्ग पर स्थित धनौल्टी विशेष रूप से गढ़वाल के टिहरी क्षेत्र में बर्फ से ढके हिमालय के बहुत सारे रास्तों का आरंभिक-स्थल है। यहां का सबसे लोकप्रिय-ट्रैक आपको तीन देवियों सुरखंडा, चंद्रबदनी और कुंजापुरी के मंदिरों के दर्शन का मौका भी प्रदान करता है। कद्दूखाल नाम के छोटे से गांव से सुरखंडा देवी के मंदिर पहुंचने वाला रास्ता भी सुरक्षित है और मंदिर के द्वार से होते हुए पीछे की ओर देखने पर खूबसूरत नजारे दिखाई देते हैं। यहाँ पर हमेशा माँ के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है।

धनौल्टी से लगभग 27 किमी और ऋषिकेश से लगभग 59 किमी दूर टिहरी-गढ़वाल जनपद स्थित चंबा भी खूबसूरत हिल स्टेशन है, जहां सुदूरवर्ती पहाड़ों का मनोरम दृश्य दिखता है। हवा बिखेरती घाटी, लहरदार सड़कें, विभिन्न रंगों के रोडोडेंड्रॉन, कतारबद्ध देवदार व चीड़ के वृक्ष और अनजान पहाड़ी चोटियों के रेखाचित्र सभी मिलकर इस छोटे से कस्बे में रोमांस और रहस्य का एक अनोखा माहौल बना देते हैं।
माँ सुरकंडा देवी मंदिर
चंबा धनौल्टी के बिल्कुल समीप पड़ता है इसीलिए अगर आप धनौल्टी जाएं तो चंबा के भव्य प्राकृतिक संसार में एक पूरी शाम निश्चित रूप से अवश्य गुजारें। वहीं इस मार्ग में कंदीखाल, जामनीखाल और नीलहरि का सुंदर गांव पड़ता है, जहां विलासिता से दूर सामान्य आतिथ्य सुविधाओं के साथ आप रात्रि-विश्राम कर सकते हैं।

दूसरा शानदार मार्ग गढ़वाली हिमालय से होकर गुजरने वाला 9, 915 फीट की ऊँचाई पर धनौल्टी-नागटिब्बा ट्रैक है, जो कि जीव-जंतुओं व वनस्पतियों और भव्य प्राकृतिक सुंदरता से ओत-प्रोत है। धनौल्टी से होकर जाने वाले अन्य रोमांचक-मार्गो में केम्पटी फाल, गंगोत्री व यमुनोत्री ग्लेशियर और केदारनाथ व बद्रीनाथ प्रमुख हैं। साल में किसी भी समय धनौल्टी की सैर की जा सकती है, हां स्नो फाॅल के समय आपको यहां की सैर करने में थोडी कठिनाई हो सकती है, फिर भी इस सीजन में भी बडी संख्या में पर्यटक यहां स्नो फाॅल का आंनद लेते दिखाई देते हैं।
चंबा
देहरादून स्थित जॉलीग्रांट धनौल्टी का निकटतम हवाई अड्डा है। देहरादून से 24 किमी दूर स्थित जॉलीग्रांट हवाई अड्डा मसूरी से लगभग 60 किमी और धनौल्टी से 80 किमी दूर है। दिल्ली से देहरादून के लिए रोजाना उड़ानें हैं। यहां से सड़क मार्ग से मसूरी होते हुए धनौल्टी पहुंचा जा सकता है।

वहीं देहरादून यहां का निकटतम रेलवे स्टेशन है, जो देश के प्रमुख नगरों से उत्कृष्ट रेल सेवा द्वारा जुड़ा है। देहरादून रेलवे स्टेशन से आप बस या टैक्सी द्वारा आप धनौल्टी पहुंच सकते हैं। मसूरी-चंबा मार्ग पर स्थित धनौल्टी आसपास के सभी प्रमुख नगरों व कस्बों से अच्छी सड़कों द्वारा जुड़ा है। 

माँ सुरकंडा देवी मंदिर से हिमालय का मनमोहक दृश्य
दिल्ली से मेरठ, रूड़की, छुटमलपुर, देहरादून व मसूरी होते हुए धनौल्टी पहुंचा जा सकता है। गढ़वाली व्यंजन सुंदर स्थलों के साथ ही गढ़वाल अंचल अपने विशिष्ट व्यंजनों के लिए भी काफी मशहूर है। चैनसू, काफुली, झोली, फानु, तिल की चटनी, थेकवानी, बादी, रोट, अरसा, कप्पा, सिंगाल, स्वाला, गुलगुला, भांग की खटाई और झंगोरा की खीर जैसे गढ़वाली व्यंजनों का स्वाद अनोखा होने के साथ ही अत्यंत पौष्टिक भी होता है जिसका जायका धनौल्टी व चंबा भ्रमण में लिया जा सकता है।
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