नई दिल्ली। आज 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती है, पूरा देश बापू को याद कर रहा है। पीएम मोदी सुबह ही राजघाट पहुंचे और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू भी श्रद्धांजलि देने के लिए राजघाट पहुंचे थे।
दरअसल, तीन साल पहले सरकार बनने के बाद पीएम मोदी ने इस दिन को स्वच्छ भारत दिवस के तौर पर मनाने का ऐलान किया था। इसी कड़ी में पीएम मोदी आज दिल्ली के विज्ञान भवन में स्वच्छ भारत दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।
वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जन्मदिन पर उन्होंने लिखा, 'जवानों एवं किसानों के प्रणेता एवं देश को कुशल नेतृत्व प्रदान करने वाले शास्त्री जी को नमन! लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती पर उन्हें याद करते हैं।'
Prime Minister Narendra Modi pays tributes to #MahatmaGandhiat Delhi's Rajghat #GandhiJayanti
उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी ने राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी।
लाल बहादुर शास्त्री की जयंती
महात्मा गांधी के अलावा पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की भी जयंती मनाई जा रही है। दोनों नेताओं ने पूर्व पीएम लाल बहादुर शास्त्री की समाधि पर जाकर श्रद्धांजलि दी।
इससे पूर्व सफाई को राष्ट्रीय आंदोलन बनाने का आग्रह करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने रविवार को कहा कि स्वच्छ भारत के लक्ष्य को हासिल करना महात्मा गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।राष्ट्रपति कोविंद वर्तमान में महाराष्ट्र के आधिकारिक दौरे पर हैं। कोविंद राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर गुजरात का दौरा करेंगे और राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि देंगे। गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति ने कहा कि गांधी जयंती महात्मा गांधी के आदर्शों व मूल्यों के प्रति समर्पण का एक अवसर है। महात्मा गांधी का मानना था कि 'स्वच्छता ईश्वर की पूजा की तरह है.उन्होंने कहा, सफाई सिर्फ सरकारी विभागों व सफाई कर्मियों की जिम्मेदारी नहीं है। भारत आज स्वच्छता ही सेवा अभियान के जरिए स्वच्छता की एक निर्णायक लड़ाई लड़ रहा है।
मोहनदास करमचंद गांधी का जन्म दो अक्टूबर, 1869 को गुजरात के पोरबंदर जिले में पुतलीबाई और करमचंद गांधी के घर हुआ था। उनके जन्मदिन को अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। हिंदू राष्ट्रवादी नाथूराम गोडसे ने 30 जनवरी 1948 को गांधीजी की हत्या कर दी थी। गांधी को दुनियाभर में उनके अहिंसा के सिद्धांत के लिए जाना जाता है। वह अपने अनुयायियों के बीच महात्मा के नाम से जाने जाते हैं।










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