मसूरी, मसूरी आज तक ब्यूरो। संजय नारंग की डहेलिया बैंक आशियाने के बाद अब लंढौर छावनी परिषद् की जेसीबी एक और बड़े बिजनेसमैन राजवीर हांडा के होली माउंट कॉटेज पर गरजी है। छावनी परिषद ने सीईओ जाकिर हुसैन और नायब तहसीलदार दयाराम के नेतृत्व में आज 12.30 बजे होली माउंट काटेज के ध्वस्तीकरण की कार्यवाही शुरू कर दी है। ध्वस्तीकरण की कार्यवाही में दो जेसीबी के साथ ही 30 मजदूर लगाये गये हैं। साथ ही मौके पर भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया है। सेना के अधिकारी और जवान भी मौके पर मौजूद हैं।
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| होली माउंट कॉटेज का ध्वस्तीकरण करती जेसीबी |
बता दें कि होली माउंट काटेज का ध्वस्तीकरण 10 बजे शुरू किया जाना था, लेकिन राजीव हांडा द्वारा सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल करने की चर्चा के कारण निर्धारित समय से डेढ घंटे बाद ध्वस्तीकरण की कार्य शुरू की गयी। पहले
शुक्रवार को सबसे पहले सुबह 11:30 बजे कैंट बोर्ड के अध्यक्ष मेजर जनरल जेएस यादव ने होली माउंट कॉटेज पहुंचकर वहां का निरिक्षण किया। तत्पश्चात सीईओ जाकिर हुसैन और नायब तहसीलदार दयाराम ने टीम के साथ दोपहर 12:10 बजे होली माउंट कॉटेज पहुंचकर नियमानुसार कोठी का निरीक्षण किया और फिर 12:15 पर जेसीबी द्वारा ध्वस्तीकरण की कार्यवाही शुरू की गयी।
आपको बता दें कि होली माउंट काटेज के ध्वस्तीकरण के लिए देहरादून से पहुंचे मजदूरों को भी लगभग दो घंटे तक डहेलिया बैंक में ही बैठे रहना पडा़,जिसके बाद 12:10 बजे माउंट काटेज के ध्वस्तीकरण के लिए डहेलिया बैंक में इंतजार कर रहे मजदूर माउंट काटेज के लिए निकले,जिसके बाद 12:30 बजे माउंट काटेज के ध्वस्तीकरण की कार्यवाही शुरू की गयी।
मीडिया को जानकारी देते हुए लंढौर छावनी परिषद् के सीईओ जाकिर हुसैन
सीईओ जाकीर हुसैन ने इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए बताया कि माउंट काटेज के ध्वस्तीकरण की कार्यवाही दोपहर 12:15 पर शुरू की गयी जो शाम पांच बजे तक चली। ध्वस्तीकरण में दो दिन का समय लगेगा। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को राजीव हांडा द्वारा इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल की गयी, जिसे कोर्ट ने नामंजूर कर दिया है। हुसैन ने बताया कि छावनी परिषद के अधिवक्ता ने देहरादून हैड क्वाटर को फैक्स भेजा, जिसके बाद होली माउंट काटेज को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की गई। वहीँ उन्होने बताया कि इसके अलावा सेंट असफ काटेज में भी बिना छावनी परिषद् की अनुमति के बिना अवैध निर्माण किया गया है, और इसका ध्वस्तीकरण भी शीघ्र किया जायेगा। वहीं अन्य अवैध निर्माणों पर भी नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।
लंढौर छावनी परिषद् के उपाध्यक्ष महेशचंद
इस मौके पर मौजूद लंढौर छावनी परिषद् के उपाध्यक्ष महेश चंद्र ने कहा कि कोर्ट के आदेश का अनुपालन करते हुए ध्वस्तीकरण की कार्यवाही लगातार जारी है, और छावनी परिषद् के क्षेत्रान्तर्गत किये गये अन्य अवैध निर्माणों पर भी कार्यवाही होनी चाहिए।
इस मौके पर सब एरिया कर्नल देहरादून एमएम उनियाल, एसआई मुकेश डिमरी, चंद्रप्रकाश लखेडा सहित लंढौर छावनी परिषद् के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
क्या था पूरा मामला
दिल्ली निवासी बिजनेसमैन राजवीर हांडा ने 1995 में छावनी निवासी सत्यप्रकाश से जमीन खरीदी थी,जिसके बाद हांडा ने बिना छावनी परिषद् की अनुमति के तीन हजार वर्ग फीट में एक कोठी का निर्माण करवा दिया। वहीं 2016 में हांडा ने उक्त प्रोपर्टी को दिल्ली निवासी एक निजी बैंक के चेयरमैन रमेश सोबती को बेच दी, लेकिन होली माउंट का दाखिला खारिज अभी तक राजीवर हांडा के नाम पर ही है। होली माउंट कॉटेज का मामला कोर्ट में 1995 से चल रहा था। सीईओ जाकिर हुसैन के आने के बाद इस मामले में सुनवाई तेजी से आगे बढ़ी और हाईकोर्ट ने छावनी परिषद् के पक्ष में फैसला सुनाया था। जिसके बाद छावनी परिषद् ने भी राजवीर हांडा को ही नोटिस जारी किया। क्योंकि अभी तक इस प्रॉपर्टी का दाखिला ख़ारिज नही हुआ है। इस बीच राजवीर हांडा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उनके निर्माण कार्य को ध्वस्त न करने की अपील की और इसे कम्पाउंड करने की अनुमति की मांग की थी। हाईकोर्ट ने इस याचिका को भी खारिज कर दिया है। जिसके बाद छावनी परिषद् ने होली माउंट कॉटेज को तोड़ने की तैयारी की।
अभी बिना अनुमति हुए अन्य अवैध निर्माणों पर भी चलेगी छावनी परिषद् की जेसीबी
लंढौर छावनी परिषद द्वारा डहेलिया बैंक एवं होली माउंट कॉटेज पर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही कार्रवाई के बाद छावनी परिषद्बि की बिना अनुमति व अवैध कब्जाधारियों में दहशत बनी हुई है। जल्द ही छावनी परिषद् क्षेत्रान्तर्गत हुए अन्य अवैध निर्माणों पर छावनी परिषद् की जेसीबी चल सकती है।
बता दें कि मेजर जनरल जे एस यादव द्वारा छावनी परिषद् की बैठक के दौरान पहले ही स्पष्ट किया गया था कि छावनी क्षेत्र में किये गये अन्य अवैध निर्माण कार्यों पर भी शीघ्र ही छावनी परिषद् द्वारा ध्वस्तीकरण की कार्यवाई की जायेगी।
छावनी परिषद् के सीईओ जाकिर हुसैन के मुताबिक लंढौर छावनी क्षेत्र में 370 वर्ग फीट में सेंट असफ के नाम से एक कॉटेज है। जिसको गाजियाबाद निवासी उत्तम सुगर के मालिक राजकुमार अदलखा ने नानू भाई अमीन निवासी गुजरात बड़ोदा से खरीदा था। सेंट असफ काटेज का निर्माण भी बोर्ड की अनुमति के बिना किया गया है। इसके अलावा कई अन्य भवनों की जांच पड़ताल की जा रही है। सेंट असफ प्रॉपटी के ध्वस्तीकरण की तैयारियां की जा रही हैं। इसके साथ ही अन्य अवैध भवनों की जांच पड़ताल अभी चल रही है।



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