देहरादून। केरल में भाजपा कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकालकर लोकल बस अड्डे स्थित सीपीएम के कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा और वामपंथी कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। इस दौरान पत्थर लगने से एक वामपंथी नेता घायल हो गया। मौके पर मौजूद पुलिस को लाठियां फटकाकर स्थिति को नियंत्रित करना पड़ा। 

सीपीएम कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन के दौरान भिड़ते भाजपा व वामपंथी कार्यकर्ताओं को नियंत्रित करती पुलिस।
दोपहर परेड मैदान स्थित भाजपा महानगर कार्यालय से भाजपा कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली। रैली दर्शन लाल चैक, घंटाघर, क्वालिटी चैक से होते हुए लोकल बस स्टैंड स्थित सीपीएम और सीपीआइ के कार्यालय के समक्ष पहुंची। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ता उग्र प्रदर्शन के साथ ही वामपंथी संगठनों के कार्यालय में घुसने की कोशिश करने लगे। वहां मौजूद वामपंथी दलों के कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया। इस दौरान दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए। भाजपा कार्यकर्ता वामदलों के कार्यालय के आगे लगी रैलिंग से आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे थे, वहीं वामपंथी उन्हें रैलिंग की दूसरी ओर से उन्हें पीछे धकेल रहे थे। रैली में भाजपा विधायक विधायक हरबंश कपूर, मुन्ना चैहान, भाजपा के प्रदेश महामंत्री नरेश बंसल, महानगर अध्यक्ष उमेश अग्रवाल, महामंत्री आदित्य चैहान, प्रदेश मंत्री सुनील उनियाल गामा आदि मौजूद थे। इसी बीच किसी ने पत्थर उछाल दिया जो कि वामपंथी नेता शेर सिंह पर लगा, जिससे से वह घायल हो गए। वामपंथियों ने भाजपाइयों पर कार्यालय में घुसकर तोड़फोड़ का आरोप लगाया। जब बिगड़ने लगी तो पुलिस ने भाजपाइयों पर लाठियां भी फटकारी। कुछ देर प्रदर्शन के बाद भाजपा कार्यकर्ता चले गए। इस मौके पर वामपंथी नेता नेता कमरुद्दीन और शिव प्रसाद देवली ने भाजपा सरकार पर गुंडागर्दी का आरोप लगाया। कहा कि जनता के मुद्दों पर आंदोलन करते हैं तो कनक चैक पर रोक लिया जाता है, लेकिन सोची समझी रणनीति के तहत भाजपाइयों को उनके कार्यालय तक आने दिया गया। इससे साफ है कि पुलिस-प्रशासन भाजपा सरकार के एजेंट के रूप में काम कर रहा है।
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