देहरादून। मुख्य सचिव एस. रामास्वामी ने शुक्रवार को सचिवालय में चारधाम परियोजना (आल वेदर रोड) के प्रगति की समीक्षा की। उन्होने निर्देश दिए कि इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किये जाय। भूमि अधिग्रहण, वन भूमि हस्तांतरण के कार्य में और तेजी लाई जाय। इसके लिए सेवा निवृत तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो की तैनाती की जाय। नेशनल हाईवे एथार्टी आफ इंडिया (एनएचएआई) के कंसल्टेंट सम्बंधित जिलो के जिलाधिकारी को रिपोर्ट करेंगे। उच्च स्तरीय बैठक में एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारी ही शामिल हों। वन भूमि हस्तांतरण के मामले 26 अक्टूबर 2017 तक निपटा लें। 
मुख्य सचिव आॅल वेदर रोड परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए।  
गौरतलब है कि 11,700 करोड़ रूपये से 889 कि0मी0 चारधाम (आल वेदर रोड) का निर्माण किया जाना है। इसके लिए शासन स्तर पर और जिले स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा की जा रही है। ऋषिकेश-रूद्रप्रयाग 140 कि0मी0 राष्ट्रीय राजमार्ग, रूद्रप्रयाग-माणा 160 कि0मी0, ऋषिकेश-धरासू 144 कि0मी0, धरासू-गंगोत्री 124 कि0मी0, धरासू-यमुनोत्री 95 क0मी0, रूद्रप्रयाग-गौरीकुंड 76 कि0मी0 और टनकपुर-पिथौरागढ़ 150 कि0मी0 राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण का कार्य किया जा रहा है। इस टू-लेन मार्ग पर 15 बड़े और 101 छोटे पुल बनेंगे। 3596 कलवर्ट और 12 बाईपास बनेंगे। 29 स्थानों पर भू-स्खलन रोकने के लिए सुरक्षा दीवार और सड़क किनारे 33 जन सुवधिा केन्द्र होंगे। बैठक में एसीएस ओम प्रकाश, सचिव जस्व श्री हरवंश सिंह चुघ, पी0सी0सी0एफ राजेन्द्र महाजन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 
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