नई दिल्ली: आज से पूरे देश में पर्यटन मंत्रालय द्वारा
आयोजित पर्यटन पर्व का शुभारंभ हो गया है। इस पर्व का उद्घाटन संस्कृति राज्य
मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. महेश शर्मा ने पर्यटन मंत्री श्री अल्फोंस कन्नथनम
की उपस्थिति में नई दिल्ली के हुमाऊ किला में किया। इस अवसर पर विद्या शाह, मीरा भजन की
प्रस्तुति देंगी और डॉ. सईदा हमीद, जाकिया जहीर और रेने सिंह
दास्तान-ए-अमीर खुसरो प्रस्तुत करेंगे।
पर्यटन पर्व का समापन नई दिल्ली में तीन दिवसीय
प्रस्तुतियों के साथ होगा। 23 से 25 अक्टूबर,
2017 तक सांस्कृतिक कार्यक्रम, शिल्प बाजार और
फूड कोर्ट का आयोजन किया जाएगा। इनमें देश की सांस्कृतिक विविधता, लोक एवं शास्त्रीय नृत्य एवं संगीत, हस्तकला,
हथकरघा और विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों की पाक-कला का समन्वय होगा।
पर्यटन मंत्रालय द्वारा आयोजित पर्यटन पर्व, केंद्रीय
मंत्रालयों, राज्य सरकारों और भागीदारों के सहयोग से 5 से 25
अक्टूबर, 2017 से मनाया जा रहा है। इसके आयोजन का मुख्य
उद्देश्य पर्यटन के लाभ, देश की सांस्कृतिक विविधता का
प्रदर्शन और “सभी के लिए पर्यटन” के सिद्धांत को सुदृढ़ बनाना है।
पर्यटन पर्व के तीन प्रमुख अवयव
देखो अपना देश – इसका
उद्देश्य भारतीयों को अपने देश भारत के विभिन्न स्थलों को देखने के लिए
प्रोत्साहित करना है। इस दौरान विभिन्न पर्यटन स्थलों के वीडियो, फोटोग्राफ और ब्लॉग लेखन की प्रतियोगिताएं होंगी। सोशल मीडिया पर पर्यटकों
की दृष्टि से भारत की गाथाओं का वर्णन किया जाएगा। पर्यटन संबंधी प्रश्नोत्तरी
कार्यक्रम, वाद-विवाद तथा चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन
होगा और जम्मू कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों में पर्यटकों को लुभाने के लिए
टेलीविजन द्वारा अभियान चलाया जाएगा।
सभी के लिए पर्यटन – देश के सभी राज्यों में
पर्यटन पर्व का आयोजन किया जाएगा। पर्यटन पर्व के दौरान प्रमुख स्थलों पर रौशनी की
जाएगी। सांस्कृतिक, नृत्य, संगीत, थिएटर, कथा वाचन, पर्यटन स्थलों के आसपास लोगों को जानकारी
मुहैया कराने के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पर्यटन प्रदर्शनी लगाई जाएगी।
संस्कृति, खानपान, हस्तशिल्प, हस्तकलाओं का प्रदर्शन किया जाएगा और विरासत स्थलों के बारे में जानकारी
मुहैया कराने के लिए वॉक का आयोजन किया जाएगा। लोगों की भागीदारी से इसे जन आयोजन
बनाया जाएगा।
पर्यटन एवं शासन व्यवस्था - इस
दौरान विभिन्न विषयों पर हितधारकों के साथ बातचीत का सत्र आयोजित किया जाएगा और
कार्यशालाओं का आयोजन भी होगा।
· पर्यटन क्षेत्र में कौशल विकास
· पर्यटन में नवाचार
· टैक्सी परिचालन के लिए सेवा प्रदाता के रूप में
भूतपूर्व सैनिकों को जोड़ना
· स्थापित गंतव्यों के निकट के क्षेत्र में
ग्रामीण पर्यटन को विकसित करना
· समुदाय को संवेदनशील बनाने के लिए स्थानीय
आवासों में पर्यटकों के प्रवास और ब्रेड एवं ब्रेकफास्ट योजना के बारे में समुदाय
को संवेदनशील बनाने के लिए कार्यशालाओं का आयोजन करना
केंद्रीय मंत्रालयों में पर्यटन पर्व में अपनी रूचि दिखाई
है। इस अवसर पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं।
· संस्कृति मंत्रालय विभिन्न चुनिंदा स्थलों पर
नृत्य, संगीत, थिएटर, कथा वाचन के
कार्यक्रमों का आयोजन करेगा। विभिन्न स्थलों पर कलाकारों के शिविर आयोजित किए
जाएंगे और भारतीय पुरात्तव विभाग के स्थलों को रौशन किया जाएगा।
· सूचना और प्रसारण मंत्रालय पर्यटन के बारे में
लोगों को जागरूक करने के लिए कार्यक्रमों चलाएगा। दूरदर्शन के जरिए लोगों को इस
पर्व के प्रति आकर्षित करने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।
· कपड़ा मंत्रालय विभिन्न स्थलों पर हथकरघा और
दस्तकारी प्रतियोगिताओं का आयोजन करेगा। कारीगर अपनी हस्तकला का प्रदर्शन करेंगे।
· ग्रामीण विकास मंत्रालय अपनी राष्ट्रीय रूरबन
मिशनों के माध्यम से विभिन्न चिन्हित ग्रामीण कलस्टरों में ग्रामीण पर्यटन के लिए
स्थानीय गतिविधियों की व्यवस्था करेगा।
· मानव संसाधन विकास मंत्रालय प्रतिष्ठित पर्यटक
स्थलों के लिए छात्रों की भ्रमण यात्रा की व्यवस्था के साथ-साथ केंद्रीय
विश्वविद्यालयों में प्रश्नोत्तरी, चित्रकला और निबंध
प्रतियोगिताओं का आयोजन करेगा।
· कौशल विकास मंत्रालय पर्यटन क्षेत्र में कौशल
विकास पर कार्यशालाओं का आयोजन करेगा और सेवा प्रदाताओं को पर्यटन सेवाओं के लिए
संवेदनशील बनाने के लिए कार्यक्रम चलाएगा।
· पूर्वोत्तर क्षेत्र मंत्रालय पूर्वोत्तर
क्षेत्र में पर्यटन कार्यक्रमों, प्रदर्शनियों, सांस्कृतिक
कार्यक्रमों और लोगों को पर्यटन व पर्यटक स्थलों के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए
कार्यक्रम चलाएगा।
· आयुष मंत्रालय योग प्रदर्शनों – विभिन्न
सत्रों और कार्यशालाओं की व्यवस्था करेगा।
· युवा मामले व खेल मंत्रालय पर्यटन पर्व के
दौरान युवा शिविरों का आयोजन करेगा। साहसिक गतिविधियों तथा जनजातीय युवा
कार्यक्रमों के आदान-प्रदान के कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे। फीफा अंडर – 17 विश्व कप
में भाग लेने वाली टीमों को मैच आयोजित किए जाने वाले शहरों के पर्यटन स्थलों का
भ्रमण कराया जाएगा।
· इलेक्ट्रोनिक्स एवं सूचना टेक्नोलॉजी मंत्रालय
माइ गव पर पर्यटन संबंधी प्रश्नोत्तरी/फोटोग्राफी/वीडियो प्रतियोगिताओं का आयोजन करेगा। इससे पर्यटन पर्व में जन-भागीदारी
को बढ़ावा दिया जाएगा।
· पर्यावरण व वन मंत्रालय हितधारकों के लिए
पर्यटन तथा पर्यटकों के प्रति संवेदनशील रूख अपनाने के लिए कार्यक्रमों का आयोजन
करेगा।
· इस पर्व के दौरान नागर विमानन मंत्रालय हवाई
अड्डों को त्यौहारों का रूप देगा और यहां विशेष साज-सज्जा की जाएगी। हवाई अड्डों के
कर्मचारियों को इन कार्यक्रमों के प्रति संवेदनशील बनाया जाएगा, ताकि आने
वाले पर्यटक अपने साथ भारत भ्रमण की सुखद याद लेकर जाएं।
· रेल मंत्रालय सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों की
त्यौहारों को देखते हुए विशेष साज-सज्जा की व्यवस्था करेगा और रेलवे के स्टाफ के
लिए संवेदीकरण कार्यक्रम चलाया जाएगा, जिससे रेलों में यात्रा करने
वाले लोगों को रेल यात्रा सुखद लगे।
· सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय चिन्हित किए
गए पर्यटन सर्किटों में सड़कों के किनारे जन-सुविधाओं की शुरूआत करके इस कार्यक्रम
में सहयोग देगा।
· पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय चुनिंदा
पेट्रोल पम्पों पर सड़क के किनारे पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाएं जुटाएगा।
· वित्त मंत्रालय (राजस्व) हवाई अड्डों और
बंदरगाहों पर सीमा शुल्क अधिकारियों के लिए संवेदनशील कार्यक्रम चलाएगा ताकि ये
अधिकारी हवाई अड्डों और बंदरगाहों के प्रति और अधिक संवेदनशील रूप अपनाएं।
· गृह मंत्रालय आव्रजन और औद्योगिक सीमा सुरक्षा
बल के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए संवेदनशील कार्यक्रम चलाएगा।
· वाणिज्य मंत्रालय का औद्योगिक नीति और संवर्धन
विभाग भारतीय और वैश्विक निवेशकों की भागीदारी के साथ-साथ पर्यटन निवेशक गोलमेज
सम्मेलन का आयोजन करेगा।
विदेश मंत्रालय भारतीय दूतावासों के माध्यम से विदेशी
बाजारों में लोगों को भारत भ्रमण के लिए उत्साहित करने के वास्ते आउटरीच कार्यक्रम
आयोजित करेगा, जिसमें ऐसे पीआईओ पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाएगा, जिन्होंने कभी भी भारत की यात्रा न की हो।
पर्यटन मंत्रालय द्वारा शुरू की गई योजना “एडॉप्ट ए हेरिटेज” (विरासत को अपनाएं) को इस अवधि के दौरान विभिन्न स्थलों पर लागू किया
जाएगा। चुने गए सर्किट में पर्यटकों के लिए महत्वपूर्ण स्थलों पर सड़क के किनारे
सुविधाएं आरंभ की जाएगी।
इसके अतिरिक्त सांस्कृतिक परिसंघों और संगठनों, यात्रा
एवं आतिथ्य उद्योग, होटल प्रबंधन संस्थानों, भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थानों, सेवा
प्रदाताओं, छात्रों, युवाओं
और स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगा।
सोशल मीडिया सहित जन-संचार के विभिन्न माध्यमों और
कार्यक्रमों के जरिए पर्यटन पर्व का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। दूरदर्शन इस दौरान
विशेष कार्यक्रमों का प्रसारण करेगा। इनमें निम्नलिखित कार्यक्रम प्रमुख होंगे-
·
प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम - "द वंडर दैट इज
इंडिया"
·
स्माइल इंडिया स्माइल कैंपेन - एक स्टिल
फोटोग्राफी प्रतियोगिता
·
क्या आप जानते हैं? - भारत
के बारे में रूचिकर तथ्यों के प्रसार का एक अभियान।
विभिन्न राज्यों में इस दौरान प्रमुख कार्यक्रमों का आयोजन
किया गया है।
Ø गुजरात में अहमदाबाद में 5
से 25 अक्टूबर तक फोटोग्राफी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। यह प्रकृति प्रेमी
और वन्य जीव फोटोग्राफी पर आधारित होगी। खुश्बू गुजरात की कार्यक्रम का आयोजन किया
जाएगा। 9 अक्टूबर तक गुजरात में जनजातीय उत्सव का आयोजन होगा
Ø महाराष्ट्र में 25 अक्टूबर
तक राज्य के विभिन्न स्कूलों में वीडियो प्रदर्शन और महाराष्ट्र को खोजें विषय पर
विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। अदभूत महाराष्ट्र माझे प्रवास वर्णन पर
मराठी और अंग्रेजी में निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। होटल प्रबंध
संस्थान मुंबई द्वारा शिवाजी पार्क में पर्यटन रैली निकाली जाएगी।
Ø पश्चिम बंगाल में कोलकाता
में पर्यटन दौड़ का आयोजन किया गया है। विद्यार्थियों और हितधारकों के लिए विरासत
वॉक भी आयोजित की गई है।
Ø उत्तर प्रदेश के लखनऊ में
होटल प्रबंध संस्थान लखनऊ द्वारा अतुल्य भारत के लिए दौड़ का आयोजन किया गया है।
यह दौड़ बेगम हजरत महल पार्क से इमामबाड़ा तक रखी गई है। अतिथि देवोभव संवेदनशील
कार्यक्रम के अंतर्गत लखनऊ में बड़ा ईमामबाड़ा और छोटा ईमामबाड़ा में दुकानदारों, खोमचे वालों,
रिक्शा चालकों और ऑटो रिक्शा ड्राइवरों के लिए पर्यटकों और पर्यटन
स्थलों के प्रति संवेदनशील कार्यक्रम चलाया जाएगा।
Ø राजस्थान, जयपुर में
होटल प्रबंधन संस्थान जयपुर एलबर्ट हॉल से बिरला मंदिर तक अतुल्य भारत के लिए दौड़
का आयोजन करेगा।
Ø ओडिसा, अंडमान
निकोबार द्वीप समूह, पंजाब, बिहार,
मध्य प्रदेश में नुक्कड़ नाटकों का आयोजन होगा।
Ø आंध्र प्रदेश में अमरावती
में आंध्र प्रदेश सरकार और क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र के तत्वाधान में
सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा।



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